Beete Lamhein
K.K.
4:59अजनबी कहे के अपना कहे अब क्या कहे क्या न कहे अजनबी कहे के अपना कहे अब क्या कहे क्या न कहे इशारे भी चुप है जुबां खामोश है सदा गुमसुम सी है तनहा आग़ोश है यारा रे यारा रे क्यूँ फ़ासलो में भी तू यारा रे यारा रे यारा रे क्यूँ फ़ासलो में भी तू यारा रे तू छूट कर क्यूँ छूटा नहीं कुछ तोह जुदा है अभी मैं टूट कर क्यों टूटा नहीं जीने में है तू है कहीं इशारे भी चुप है जुबां खामोश है सदा गुमसुम सी है तनहा आग़ोश है यारा रे यारा रे क्यूँ फ़ासलो में भी तू यारा रे यारा रे यारा रे क्यूँ फ़ासलो में भी तू यारा रे है हर घडी वह तिश्नगी जो एक पल भी न बुझी है ज़िन्दगी चलती हुयी पर ये ज़िन्दगी ही नहीं इशारे भी चुप है जुबां खामोश है सदा गुमसुम सी है तनहा आग़ोश है यारा रे यारा रे क्यूँ फ़ासलो में भी तू यारा रे यारा रे यारा रे क्यूँ फ़ासलो में भी तू यारा रे यारा रे यारा रे यारा रे यारा रे ए ए ए ए ए ए